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हिमाचल कैबिनेट: PWD में होगी 5 हजार मल्टी पर्पज वर्करों की भर्ती, इन विभागों में भी होगी भर्ती

In the cabinet meeting chaired by CM Jai Ram Thakur held today in Himachal, many big decisions have been approved. In the cabinet meeting, 5000 multi-purpose workers will be recruited for the maintenance of roads and other government works in the Public Works Department (Himachal PWD). These employees will be appointed on an honorarium of Rs 4500. In the cabinet meeting, the policy of keeping five thousand multi purpose workers in PWD has been approved. The department has been asked to recruit according to this policy. Now the recruitment process will start after the approval of the cabinet.

Himachal PWD multi Task workers recruitment

हिमाचल में हुई सीएम जय राम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक (Himachal Cabinet Meeting) में कई बड़े फैसलों पर मुहर लग गई है। कैबिनेट बैठक में लोक निर्माण विभाग (Himachal PWD) में सड़कों के रख-रखाव एवं अन्य सरकारी कार्यों के लिए 5000 मल्टी पर्पज वर्कर की भर्ती की जाएगी। इन कर्मचारियों की नियुक्ति 4500 रुपए मानदेय पर की जाएगी। कैबिनेट की बैठक में पीडब्ल्यूडी में पांच हजार मल्टी पर्पज वर्कर (Himachal Multi Purpose Worker) रखने की पॉलिसी को मंजूरी दी है। विभाग को कहा है कि इस पॉलिसी के अनुसार भर्ती की जाए। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी।

हिमाचल 144 मेडिकल ऑफिसर के पद भरने को भी मिली मंजूरी

हिमाचल कैबिनेट ने भाषा संस्कृति विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 49 पद भरने को मंजूरी दी है। इनमें 14 पद सीधी भर्ती के आधार पर भरे जाएंगे। साथ ही 35 पद आउटसोर्स के आधार पर भरे जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग में 144 मेडिकल ऑफिसर के पद अनुबंध आधार पर भरने को मंजूरी प्रदान की है। यह पद वॉक इन इंटरव्यू के आधार पर भरे जाएंगे। भाषा संस्कृति विभाग में रिक्त पदों के चलते यह फैसला लिया है, ताकि विभाग का कार्य सुचारू चलता रहे। इसके अलावा हिमाचल में हायर और प्रारंभिक शिक्षा विभाग के तहत रखे एसएमसी शिक्षकों (SMC teachers) को लेकर भी कैबिनेट में फैसला लिया है। इन शिक्षकों की सेवाएं वित्त वर्ष 2022-23 में जारी रखने को मंजूरी प्रदान की है।

हिमाचल में मंत्री और विधायक खुद भरेंगे अपना इनकम टैक्स

हिमाचल में अब मंत्री और विधायक अपना इनकम टैक्स (Income Tax) खुद देंगे। कैबिनेट की बैठक में इसको लेकर फैसला लिया है। सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में एक्ट में संशोधन करने का फैसला लिया है। मंत्रियों और विधायकों के इनकम टैक्स को लेकर एक्ट में संशोधन कर इसे आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा। कैबिनेट ने मंत्रियों के वेतन और भत्ते (हिमाचल प्रदेश) अधिनियमए 2000, हिमाचल प्रदेश विधान सभा (सदस्यों के भत्ते और पेंशन) अधिनियम, 1971 की धारा 11-ए की धारा 12 को हटाने के लिए एक अध्यादेश जारी करने का भी निर्णय लिया। आयकर जो वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा भुगतान किया जा रहा है और अब व्यक्तिगत सदस्यों द्वारा भुगतान किया जाएगा।

इसके साथ ही कैबिनेट बैठक में क्षेत्र के लोगों की सुविधा के लिए उप विकास खंड उदयपुर लाहुल स्पीति को विकास खंड में अपग्रेड करने का निर्णय लिया गया है। गुरुवार को यहां हुई हिमाचल कैबिनेट बैठक में राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक मुख्यमंत्री मोबाइल क्लिनिक शुरू करने की स्वीकृति दी गई। इन मोबाइल क्लीनिकों में दूर-दराज के क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाओं तक कम पहुंच वाले लोगों के लिए एक सामान्य चिकित्सक/ विशेषज्ञ चिकित्सक द्वारा दवा के वितरण, बुनियादी प्रयोगशाला सेवाओं, टीकाकरण सुविधाओं और प्रक्रियाओं सहित परीक्षण, परामर्श, नुस्खे की सुविधाएं होंगी। यह ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और कवरेज में सुधार लाने में एक लंबा रास्ता तय करेगा।

नए हिमाचल प्रदेश (संशोधित वेतन) नियम-2022 आने के बाद से कांस्टेबलों को काल्पनिक आधार पर उच्च पूर्व संशोधित वेतन बैंड और ग्रेड वेतन की अनुमति देकर 2015 और 2016 में नियुक्त पुलिस कांस्टेबलों की श्रेणियों को उच्च वेतन संरचना प्रदान करने का निर्णय लिया गया। 1 जनवरी, 2022 को 1 जनवरी, 2016 से प्रभावी। कांस्टेबलों के पास अब वेतन निर्धारण के प्रासंगिक कारक के तहत वेतन निर्धारण का विकल्प है और वेतन के बकाया का भुगतान संशोधित नियमों के तहत उनके विकल्पों पर निर्भर करेगा।

कैबिनेट ने पात्र श्रेणियों का अधिकतम कवरेज सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री स्वालंबन योजना-2022 में संशोधन को भी अपनी मंजूरी दी। निर्णय लिया गया कि महिलाओं और विकलांगों को मिलने वाला अनुदान 35 प्रतिशत और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति को मिलने वाला अनुदान 30 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा उन्नत डायरी विकास परियोजना के तहत प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में भैंस की न्यूनतम इकाई और प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में न्यूनतम 5 गाय/5 भैंस को शामिल करने की स्वीकृति दी गई है. इस गतिविधि के तहत पशुओं की खरीद के लिए अनुदान भी स्वीकृत किया गया है।

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