HomeHimachal Newsझटका : इस बार महंगा मिलेगा हिमाचली सेब

झटका : इस बार महंगा मिलेगा हिमाचली सेब

Due to this, not only the gardeners but also the customers will be hit by inflation. Customers will also get apples at expensive prices. About 1.20 lakh families are directly and indirectly involved in apple business in Himachal Pradesh. There is an apple business of Rs 5,000 crore annually in Himachal Pradesh. Apple is grown in seven districts of Himachal Pradesh namely Shimla, Kullu, Mandi, Kinnaur, Chamba, Lahaul-Spiti, Solan

Himachali apple will get expensive

इस बार देशवासियों को हिमाचली सेब (Himachali apple) महंगा मिलेगा। इसका कारण यह है कि कार्टन और पैकिंग ट्रे के दामों में करीब 18 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। हिमाचल प्रदेश में पहले सूखे की मार और अब कार्टन और महंगी ट्रे से बागवानों की परेशानी बढ़ गई है। बीते साल के मुकाबले इस साल कार्टन की कीमतें प्रति पेटी 8 से 15 रुपये बढ़ी हैं।

श्री भगवती इंडस्ट्रीज बद्दी (Shree Bhagwati Industries Baddi) के संचालक प्रिंकल खन्ना का कहना है कि इस साल कार्टन की कीमतें 15 से 18 फीसदी बढ़ी हैं। पेपर मिलों का कहना है कि जीएसटी 12 से बढ़कर 18 फीसदी होना, आयातित कच्चा माल महंगा होना, यूक्रेन-रूस युद्ध से कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होना, डीजल और स्टार्च के रेट बढ़ना इसके कारण हैं।

इससे बागवानों को ही नहीं, बल्कि ग्राहकों पर भी महंगाई की मार पड़ेगी। ग्राहकों को भी सेब महंगे दामों पर मिलेगा। हिमाचल प्रदेश में करीब 1.20 लाख परिवार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सेब कारोबार से जुड़े हैं। हिमाचल प्रदेश में सालाना 5,000 करोड़ रुपये का सेब कारोबार होता है। हिमाचल प्रदेश के सात जिलों शिमला, कुल्लू, मंडी, किन्नौर, चंबा, लाहौल-स्पीति, सोलन (Shimla, Kullu, Mandi, Kinnaur, Chamba, Lahaul-Spiti, Solan) में सेब की पैदावार होती है।

कार्टन को जीएसटी मुक्त करे सरकार (Government should make cartons free from GST)
हिमाचल प्रदेश प्रोग्रेसिव ग्रोवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह बिष्ट (Himachal Pradesh Progressive Growers Association President Lokendra Singh Bisht) का कहना है कि कार्टन की कीमतें बढ़ने से बागवान परेशान हैं। मुख्यमंत्री से अपील है कि फलों और सब्जियों की पैकिंग में इस्तेमाल कार्टन को जीएसटी मुक्त करें। सरकार सीधे तौर पर कार्टन की कीमतें कम नहीं कर सकती, इसलिए जीएसटी हटा कर राहत दी जाए।

वस्तु बीते साल इस साल (कीमतें रुपयों में)
कार्टन भूरा 50 से 54 65 प्रति पेटी
कार्टन सफेद 64 से 67 80 प्रति पेटी
पैकिंग ट्रे 500 650 से 700 बंडल
स्टेपिंग रोल 2750 2850 (30 किलो पैक)

अर्ली वैरायटी के रेड जून सेब की मंडियों में दस्तक पहले दिन 750 रुपये में बिकी 10 किलो की पेटी
वहीं, हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन का आगाज हो गया है। शिमला की फल मंडी (fruit market of Shimla) में अर्ली वैरायटी के रेड जून सेब ने दस्तक दे दी है। शिमला की अनूप फ्रूट कंपनी में शिमला (Anoop Fruit Company of Shimla) जिले के ठियोग मतियाना (Theog Matiana Shimla ) के बागवान सुशील चंदेल (टीनू) की रेड जून सेब की 10-10 किलो की 15 पेटियां 750 रुपये प्रति पेटी के हिसाब से बिकी हैं। उत्तर प्रदेश के शमीम अहमद ने यह इन्हें खरीदा है। शुरुआत में भले ही सेब 75 रुपये थोक रेट पर बिका है, लेकिन कार्टन की बढ़ी कीमतों ने बागवानों को परेशानी में जरूर डाल दिया है।

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