HomeHimachal Newsराष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 बनी शिमला पुस्तक मेला में चर्चा का केंद्र

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 बनी शिमला पुस्तक मेला में चर्चा का केंद्र

29 June 2022 : शिमला

मेले के पांचवें दिन शहर में भारी बारिश के बावजूद शिमला पुस्तक मेले (Shimla Book Fair) में बड़ी संख्या में पर्यटक उमड़ रहे हैं। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत ने भाषा, कला और संस्कृति विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार (Department of Language, Art and Culture, Government of Himachal Pradesh) के सहयोग से शिमला पुस्तान मेला का आयोजन गेयटी थिएटर और पदम देव परिसर (Gaiety Theater and Padam Dev Complex) में किया जा रहा है। मेले में हिंदी अंग्रेजी हिमाचली पंजाबी और उर्दू के साथ और भी भारतीय भाषाओँ में पुस्तकें उपलब्ध हैं। यह मेला 3 जुलाई तक चलेगा।

बच्चों के लिए विशेष गतिविधियाँ और बच्चों की पुस्तकों के एक बड़े संग्रह की उपलब्धता यह सुनिश्चित कर रही है कि बच्चे बड़ी संख्या में मेले में शामिल हों। युवा दर्शकों के लिए आज कहानी सुनाने और लिखने की कार्यशाला का आयोजन किया गया। कहानी लेखन कार्यशाला का विषय था ‘मेरी पसंदीदा पुस्तक’।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और युवाओं का भविष्य’ पर एक सत्र का भी आयोजन किया गया। सत्र का संचालन दिल्ली विश्वविद्यालय में हिंदी के प्रोफेसर और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एकाँश के सदस्य प्रो निरंजन कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का एक मुख्य आकर्षण यह है कि नीति के तहत लागू किया गया ढांचा भारत की उच्च शिक्षा को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाए रखने में मदद करेगा। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की प्राथमिक दृष्टि भारतीय मूल्यों के साथ छात्रों का सर्वांगीण विकास है। सत्र के अंत में उन्होंने श्रोताओं के कुछ प्रश्नों को भी संबोधित किया।

पुस्तक मेले में हिमाचल प्रदेश के समृद्ध लोक और पारंपरिक संगीत और नृत्यों को प्रदर्शित करने वाले कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। शिमला पुस्तक मेले का समय प्रतिदिन 11 से शाम 8 बजे तक है तथा आगंतुकों के लिए प्रवेश निःशुल्क है। छात्रों के लिए पुस्तकों की खरीद पर विशेष छूट भी प्रदान की जा रही है।

जनसम्पर्क विभाग
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत

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